Press Release: आदिवासियों को नगद मुआवजा देना, जमीन से वंचित कर कानून की अवमानना।

प्रेस-नोट                                                                                 दिनांकः-19/8/2015  
आदिवासियों को नगद मुआवजा देना, जमीन से वंचित कर कानून की अवमानना।
24 अगस्त को राजघाट में भूमि आवास आजीविका अधिकार महासंमेलन।
नर्मदा घाटी के आदिवासी, किसानों ने अब ठानी है, शासकों की साजिश हमने जानी है।

बडवानी तहसील के बोरखेडी से लेकर करीब हर आदिवासी गांव में, जमीन की पात्रता होते हुए भी, दलालों, अधिकारियों से फर्जी रजिस्ट्रयों में फंसाये गये या जमीन के बदले जमीन न देते, नगद पेकेज की एक किश्त पाकर उससे जमीन खरीद न पाये, फंस गये परिवार हैं। आदिवासियों को पुनर्वास नीति (म.प्र.) की ंकंडिका 5.1 अनुसार जमीन या किसी भी लाभ के बदले पैसा देना है, तो जिलाधीश की मंजूरी जरूरी है। जिलाधीश को मंजूरी देने के पहले यह जाॅचना जरूरी है कि क्या नगद पैसा देने से उस आदिवासी परिवार के जीवनस्तर में गिरावट तो नहीं आएगी? मैदानी हकीकत यह कि तीन प्रभावित राज्यों में से केवल म.प्र. ने जमीन देना पूर्णतः नकारकर या शासकीय, पडत, बंजर जमीन से ही कोई अनुपयोगी जमीन विस्थापित परिवारों को एकतरफा आवंटित करके उन्हें पेकेज लेने को मजबूर किया और आदिवासी ही क्या, हर तबके के किसानों को फँसाया। आदिवासियों के बारे में तो सरासर कानून का उल्लंघन हुआ है। मोरकट्टा हो या पिछोडी, ऐसे उदाहरण सामने लाकर, आंदोलन की याचिका में 2008 से बने न्या. झा आयोग से 3536 रजिस्ट्रियाँ की जाॅच में ये भी शामिल है। अंदाजा है कि 2000 से 2500 तक निकलेगी फर्जी रजिस्ट्रियों संख्या। लेकिन सही संख्या का खुलासा अक्टूबर तक आने वाली झा आयोग की रिपोर्ट से ही पता चलेगा। 

घर-प्लॅाटों में भ्रष्टाचार का नया नमूना भी सरदार सरोवर विस्थापितों को वंचित करने की हकीकत सामने ला रहा है। जबकि एन.वी.डी.ए. (नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण म.प्र.) के नाम पर आज भी वह जमीन है, जो विस्थापित परिवारों को आवंटित की गई लेकिन पट्टा न देते हुए केवल आवंटन पत्र ही उन्हें दिया गया। लेकिन सामने यह बात आयी है कि कुछ बसाहटों के घर-प्लाटस् न केवल बेचे गये हैं, लेकिन इनकी रजिस्ट्रियाॅं भी गैरविस्थापितों के नाम हो चुकी है। इस घर-प्लाॅट/भूखण्डों की बिक्री गैरविस्थापितों को कर दिए जाने से स्पष्ट हुआ कि दलाल क्या-क्या कर सकते हैं? पंजीयन और राजस्व ही नहीं, न.घा.वि.प्रा. भी इसमें शामिल हुआ। इन तीनों विभागों के संगठित फर्जीवाड़े से हजारों विस्थापितों को बेघर करने की साजिश का खुलासा हुआ है। प्रभावितों के हकों की आहुति देकर भ्रष्टाचारी, लाखों क्या, करोडों की कमाई कर रहें है। 

राजघाट में ‘‘जीवन अधिकार सत्याग्रह‘‘ पर हरेक विस्थापित अपने अधिकार को जानकर, कागज पत्रों की जाॅच के साथ शासन को न केवल आवेदन दे रहे है, बल्कि आवाज भी उठा रहे है। 

24 अगस्त को नर्मदा घाटी की आवाज में आवाज मिलाने पहुॅचेगे देशभर के आंदोलनकारी जिनमें  शामिल हैं स्वराज अभियान और जय किसान आंदोलन के योगेन्द्र यादवजी, केरल की आदिवासी नेता सी.के.जानू, ओडि़सा के पर्यावरणवादी प्रफुल्ल सामन्वरा, बिहार के जन जागरण संगठन की मजदूर नेता कामायनी बहन, महाराष्ट्र के जुझारू किसान-मजदुर नेता मानव कांबळे व मारूति भापकर, बरगी व नर्मदा घाटी की कई परियोजनाओं में संघर्ष का नेतृत्व करने वाले राजकुमार सिन्हा, उत्तर प्रदेश की जन आंदोलनकारी अरूंधति धुरू, तमिलनाडू की अंसगठित श्रमिक संगठन की कार्यकर्ता ग्रॅब्रिएला बहन आदि। इनमें और मान्यवरों के नाम जुडते जाएंगे। भूमि अधिग्रहण कानून में बदलाव लाने की नरेन्द्र मोदी शासन की साजिश को रोकने में जिनका योगदान है, ऐसे जन आंदोलन, 30 साल से संघर्षत् नर्मदा बचाओं आंदोलन को बल देंगे।

राजघाट (बडवानी) में नर्मदा का जलस्तर अभी तो 122 मी. पर स्थिर है। लेकिन अचानक अपना रूप बदल ने वाली यह नर्मदा माता भी हमंे अगर इस बरसात में पानी चढाकर चुनौती देगी, तो आंदोलन के समतिर्पत दल भी उससे टकराएंगे, इसी संकल्प का माहौल राजघाट में है।

सत्याग्रह का 8वाँ दिन
राजघाट में सत्याग्रह के आठवें दिन आज पिपलुद, पिछोड़ी (बड़वानी), खापरखेड़ा (कुक्षी), गोपालपुरा (मनावर) के प्रभावितों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि आज भी प्रभावितों का नीति अनुसार पुनर्वास शेष है और वे अपने मूल गाँव में रह रहे हैं। प्रभावितों ने एनवीडीए द्वारा सुप्रीम में किए गए संपूर्ण पुनर्वास के दावे का खण्डन करते हुए सर्वोच्च न्यायालय को गुमराह करने का आरोप लगाया है।

मेधा पाटकर              राहुल यादव 
संपर्क नं. 91796-17513
*************************
Narmada Bachao Andolan,
Narmada-Ashish, Off Kasravad Road,
Navalpura, Badwani,
Madhya Pradesh – 451551
Ph: 07290-291464; Fax: 07290-222549
E-mail: medha.narmada@gmail.com ;
             nba.medha@gmail.com 
Twitter:     @medhanarmada 
Blog:        http://narmadabachaoandolan.wordpress.com/

National Alliance of People’s Movements
National Office: Room No. 29-30, 1st floor, ‘A’ Wing, Haji Habib Bldg, 
Naigaon Cross Road, Dadar (E), Mumbai - 400 014;

6/6, Jangpura B, Mathura Road, New Delhi - 110014
Phone : 011 2435 4737
E-mail: napmindia@gmail.com  | Web : www.napm-india.org 
www.facbook.com/napmindia | @napmindia 

Popular posts from this blog

The Unreality of Wasseypur: Javed Iqbal

History Archive: Communist Party of India's resolution on Pakistan and National Unity, September 1942

Pakistan's First Law & Labour Minister, Jogendra Nath Mandal's Resignation Letter, October 1950

The Almond Trees by Albert Camus (1940)

Book review: Thirteen Months in China: A Subaltern Indian and the Colonial World

Ben Marks - The Mao Mango Cult of 1968 and the Rise of China's Working Class

Karl Marx: Letter to Abraham Lincoln, President of the United States of America; 1865