सोशल डेमोक्रैसी के एजेण्डे का मसौदा
सोशल डेमोक्रैसी के एजेण्डे का मसौदा Draft Agenda on social-democracy: July 2018 लोकतंत्र ख़तरे में 1/ आज देश में न्याय प्रणाली दिन - ब - दिन तेज़ी से टूटती जा रही है – इसके कई कारण हैं , जो जटिल भी हैं , लेकिन आम नागरिक पर इसका एक ही असर होता हैः . न्याय व्यवस्था के निचले स्तर पर ग़रीब आदमी को अपना बचाव करने के लिए वकील तक नहीं मिल पाता , ईमानदार पब्लिक प्रोसीक्यूटरों को सताया जाता है और कहीं कहीं जज भी बेक़सूर लोगों के दमन में हाथ बँटाते हैं . केसों के आबंटन को लेकर उच्चत्म न्यायालय में संकट की स्थिति , चार वरिष्ट जजों द्वारा इसका खूले मंच पर से विरोध , अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्य मंत्री कलिखो - पुल के सुसाइड नोट कि उपेक्षा और जज लोया की रहस्यम्य मौत – ये सूचित करते हैं कि न्याय प्रणालि में सेंध लग चुकी है . आज न्याय व्यवस्था में जजों की कमी है , लेकिन न्याय के संकट से इसका कोई लेनादेना नहीं है . भारत के संघ राज्य की वैधता के लिए न्यायपूर्ण और सक्रिय न्याय व्यवस्था आवश्यक है , जिसे केवल न्यायतंत्र ही सही ढंग से बचा सकता है , जिसे ठीक लगा वह न्यायाधीश बन जाए इससे अ...