एक हिंसक घटना से बनता सांप्रदायिक माहौल, मोहल्ले में दहशत

घटना 3 दिसंबर 2017 की है॰ रात 8 बजे के लगभग हमारे गाँव (पहाड़गंज, घोसीयाना) फ़ैज़ाबाद का एक विवाहित परिवार नाका होते हुए अपने घर वापस अपनी कार से आ रहे थे॰ उसी समय परिकर्मा मार्ग पर लगभग डॉ॰ चंद्र के क्लीनिक के पास घोसीयाना की ओर जा रही एक बारात के डीजे से कार टकरा गई या डीजे कार से टकरा गया॰ उसके बाद बारात में शामिल लोगों ने कार सवार युवक (ताहिर) और उसकी पत्नी के साथ गाली गलौज करते हुए ताहिर के साथ मारपीट भी की॰ जिसके बाद ताहिर अपनी पत्नी के साथ वहाँ से ये कहता हुवा निकला कि अभी आगे आओ तो बताते है॰ उसपर हिमांशु त्रिपाठी (नाका-मुरवान टोला निवासी) ने कहा कि आ तो रहे है॰ तुमसे ज्यादा हमको घोसीयाना में लोग जानते है॰ हिमांशु त्रिपाठी भाई मनुचा गर्ल्स पी॰ जी कालेज में बतौर लाईबेरियन काम करते है॰ 

हमारे गाँव घोसीयाना की अधिकतर लड़कियाँ मनुचा गर्ल्स पी॰ जी॰ कालेज से ही बी॰ए॰ / एम॰ए॰ की पढ़ाई करती है॰ अधिकतर लोग उनसे और उनके परिवार से परिचित है॰ हमारे साथी गुफ़रान भाई के भी हिमांशु त्रिपाठी के बहुत अच्छे दोस्त है॰ हमने मनुचा गर्ल्स पी॰ जी॰ कालेज में जो दो चार बार कार्यक्रम किया है॰ उसमें भी उनका सहयोग रहा है॰ जान पहचान और स्थानिए होने के नाते हिमांशु भाई ने ताहिर से हुई झड़प और उसके आगे आओ देखते है की बात को बहुत गंभीरता से नहीं लिया॰ बारात जैसे ही ताहिर की गाली के सामने पहुँची ठीक उसी समय ताहिर के भाई और उसकी पत्नी के परिजनों ने जिस व्यक्ति के साथ गाली गलौज और मारपीट हुई थी उसको ढांडे से पिटाई की, कुछ और बरातियों को भी चोट आई है॰

उसके बाद से घोसीयाना, फ़ैज़ाबाद में लगातार पुलिस लगी हुई है॰ नामजद आरोपियों के घर पर  लगातार दबिश पुलिस दे रही है॰ इस घटना में पुलिस ने आरोपियों पर 323,504, 506, 392 आई॰पी॰सी॰ की धारा के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत कर कार्यवाही कर रही है॰

5 दिसंबर 2017 को अगल अलग समाचार पत्रों ने इस घटना को ऐसे छापा की मनचलों को रोकने पर बरातियों के साथ की मारपीट जब की ऐसा हुआ नहीं था॰ अमर उजाला की रिपोर्ट इस घटना पर कुछ हदतक ठीक थी॰

इधर साम्प्रदायिक मानसिकता रखने वालों के लिए इस तरह की घटनाए उनके लिए जैसे कामों को खोल देती है॰ नाका हनुमानगढ़ी, फ़ैज़ाबाद इलाके में इस घटना पर लगातार बात और बैठक हो रही है कि ऐसी घटना किसी के भी साथ हो सकती है॰ यदि आज हम कुछ नहीं बोलेगे, तो कल हमारे साथ कुछ होगा तो कोई बोलने वाला नहीं होगा॰ इस लिए हमको किसी ना किसी प्रकार से सबक सिखाना चाहिए॰

दूसरी तरफ भाजपा एवं अन्य अनुसंगिक संगठन के लोग तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी की माँग प्रशासन से कर रहे है॰ साथ ही आरोपियों के गिरफ्तार ना होने की स्थिति में आंदोलन करने की धमकी दे रहे है॰ 6 दिसंबर 2017 को बाबरी मस्जिद विध्वंस की 25वी सालगिरा के अवसर पर बजरंज दल (समाचार पत्रों के अनुसार) 70 से 80 मोटर साइकिल से सैकड़ों की संख्या में युवा झंडे एवं भगवा पताखा के साथ आशा भवन (नाका) से बच्चा बच्चा राम का, जनम भूमि के काम का, आदि सांप्रदायिक नारे लगते हुए घोसीयाना से होते हुए फ़ैज़ाबाद रेल्वे स्टेशन फाटक, मोदहा गए और वहाँ से वापस फिर घोसीयाना होते हुए नाका चले गए॰ जबकि अयोध्या-फ़ैज़ाबाद में धारा 144 लगी हुई है॰ फिर भी मार्च को स्थानिये प्रशासन ने करने दिया और पुलिस भी मार्च के साथ चलती रही॰ 

पहले कभी भी इस तरह का कोई मार्च घोसीयाना होते हुए नहीं किया गया है॰ इस मार्च के कारण मोहल्लेवासियों में भय का माहौल बन गया है॰ घटना में आरोपियों की गिरफ्तारी ना होने के कारण पुलिस के डर से काफी संख्या में गाँव के युवा अपने बाहर के रिस्तेदारों के घर चले गए है॰ अलग अलग संगठनों की ओर से गिरफ्तारी ना होने पर आंदोलन करने की बात कही जा रही है॰ इनका आंदोलन कैसा होता है? आप हम बख़ूबी समझते है॰ साथ ही हिमांशु भाई चूकी पुस्तकालय में काम करते है तो शिक्षक संघ और पुस्तकालय संघ भी मामले पर गंभीरता से काम करने को बोल रही है॰

मारपीट के आरोपी लोग अभी घर से गायब है॰ घर वालों को कुछ पता नहीं है॰ पुलिस कई घर वालों को कोलवाली ले जाकर बात कर चुकी है॰ लेकिन आरोपियों का कुछ पता नहीं चल रहा है॰
हमने अपने वामपंथी साथियों के साथ मिलकर पुलिस अधिक्षक (नगर), फ़ैज़ाबाद को कल एक ज्ञापन दिया है॰ कि समय रहते सांप्रदायिक माहौल को बनने से रोका जाए॰ जिससे किसी तरह की कोई आपराधिक घटना ना हो॰

नोट: उपरोक्त घटना से जुड़े निम्न दस्तावेज़ संलग्न है:
·        3 दिसंबर 2017 को हुई घटना की 5 दिसंबर 2017 का समाचार
·        6 दिसंबर 2017 को घोसीयाना से किए गए मार्च की वीडियो और फोटो
·        7 दिसंबर 2017 को हमारे द्वारा दिया गया ज्ञापन
·        7 दिसंबर 2017 को समाचार पत्रों की रिपोर्ट
·        8 दिसंबर 2017 को समाचार पत्रों की रिपोर्ट

इस आशा के साथ आपको ये पत्र लिखा है कि किसी भी तरह से सांप्रदायिकता से निपटने में हम आप साथ मिलकर खड़े होगे॰
शुक्रिया
आफाक उल्लाह
अवध पीपुल्स फोरम, फ़ैज़ाबाद  

Popular posts from this blog

History Archive: Communist Party of India's resolution on Pakistan and National Unity, September 1942

The Almond Trees by Albert Camus (1940)

Pakistan's First Law & Labour Minister, Jogendra Nath Mandal's Resignation Letter, October 1950

Ben Marks - The Mao Mango Cult of 1968 and the Rise of China's Working Class

Muslim girl meets Hindu boy. How our forbidden love blossomed in Canada

Did Stalin poison Lenin?

The Manifesto of the Anti-Fascist Intellectuals: Written by Benedetto Croce (1925)